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Showing posts from June, 2020

5thJuneKabirPrakatDiwas

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कबीर परमेश्वर जी ने सच्चे गुरु के लक्षण बताए। सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बेन विनोद, चार वेद छः सास्त्र, वो कह अट्ठारह बोध।। कबीर साहेब जी ने तत्वज्ञान दिया कि सतगुरु बनाकर भक्ति करना परमावश्यक है। वर्तमान में पूर्ण सतगुरु केवल संत रामपाल जी महाराज ही हैं। उनसे सतभक्ति प्राप्त करके मोक्ष प्राप्त करें। कबीर परमेश्वर ने बताया कि परमात्मा सभी पापों से मुक्त कर सकता है। आज संत रामपाल जी महाराज ने वेदों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा साधक के घोर पाप को भी समाप्त कर देता है। प्रमाण "यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13"। अधिक जानने के लिए संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन सुनिए।  कबीर परमात्मा ही विश्व को भक्ति दृढ़ाने के लिए सतलोक से सशरीर प्रकट होते हैं सतगुरु रूप बनाकर गरीब, भक्ति मुक्ति ले उतरे, मेटन तीनूं ताप। मोमन के डेरा लिया, कहै कबीरा बाप।। कबीर परमात्मा चारों युगों में प्रकट होते हैं सतयुग में सत सुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से,  द्वापर में करुणामय नाम से, और कलयुग में अपने असली नाम कबीर नाम से प्रकट होते हैं। ऐसे ही अद्भुत रहस्य जानने के लिए संत रामपा...

DivinePlay Of GodKabir

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कबीर परमेश्वर जब नीरू नीमा को बालक रूप में मिले तब उससे पूर्व दोनों जने (पति-पत्नी) मिलकर कपड़ा बुनते थे। 25 दिन बच्चे की चिन्ता में कपड़ा बुनने का कोई कार्य न कर सके। जिस कारण से कुछ कर्ज नीरू को हो गया। फिर कबीर जी ने कहा कि आप चिंतित न हों, आपको प्रतिदिन एक सोने की मोहर (दस ग्राम स्वर्ण) पालने के बिछौने के नीचे मिलेगी। आप अपना कर्ज उतार कर अपना तथा गऊ का खर्च निकाल कर शेष बचे धन को धर्म कर्म में लगाना। उस दिन के पश्चात् दस ग्राम स्वर्ण प्रतिदिन नीरू के घर परमेश्वर कबीर जी की कृपा से मिलने लगा। कसाई का उद्धार गरीब, राम नाम सदने पिया, बकरे के उपदेस। अजामेल से ऊधरे, भगति बंदगी पेस।। एक सदन नाम का कसाई था। संत गरीबदास जी ने बताया है कि परमेश्वर कबीर जी कहते हैं कि जो मेरी शरण में किसी जन्म में आया है, मुक्त नहीं हो पाया, मैं उसको मुक्त करने के लिए कुछ भी लीला कर देता हूँ। ऐसे ही सदन कसाई को शरण में लेकर सतभक्ति कराकर उद्धार किया था। एक बार परमात्मा कबीर साहेब जी जब 5 वर्ष की आयु के थे उस समय उन्होंने 104 वर्ष की आयु के रामानंद जी के साथ ज्ञान चर्चा की, उनके साथ कई लीलाएं की,...

Miracles of God Kabir.

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मुर्दे को जीवित करना ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2, 5, सुक्त 162 मंत्र 5, सुक्त 163 मंत्र 1 - 3 में प्रमाण मिलता है कि पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और कोई भी रोग को नष्ट कर सकता है। ‘‘महर्षि सर्वानन्द की माँ शारदा का रोग ठीक करना" एक सर्वानन्द नाम के महर्षि थे। उसकी आदरणीय माता श्रीमती शारदा देवी पाप कर्म फल से पीडि़त थी। उसने कबीर परमात्मा से उपदेश प्राप्त किया तथा उसी दिन कष्ट मुक्त हो गई।  क्योंकि पवित्र यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 में लिखा है कि ‘‘कविरंघारिरसि‘‘ अर्थात् (कविर्) कबीर (अंघारि) पाप का शत्रु (असि) है। फिर इसी पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में लिखा है कि परमात्मा (एनसः एनसः) अधर्म के अधर्म अर्थात् पापों के भी पाप घोर पाप को भी समाप्त कर देता है। ‘‘कबीर जी द्वारा स्वामी रामानन्द के मन की बात बताना’’ स्वामी रामानंद जी विष्णु जी की काल्पनिक मूर्ति बनाकर मानसिक पूजा करते थे। एक समय ठाकुर की मूर्ति पर माला डालनी भूल गए। तब कबीर परमात्मा जो कि 5 वर्ष के बालक की लीला कर रहे थे बोले कि माला की गांठ खोल कर गले में डाल दो स्वामी जी, पूजा खंडित नहीं होगी...