Resurgence in india !!

 प्राचीन काल से ही भारत देश एक महान देश माना गया है लेकिन वर्तमान स्थिति बहुत ही खराब व दर्शनीय है. क्योंकि वर्तमान में भ्रष्टाचार, मिलावट करना, चोरी करना, कानून को ना मानकर उसका उल्लंघन करना, शोषण होना,व रेप आदि कार्य बहुत ही चरम सीमा पर है. जो देश को अंदर ही अंदर से खोखला किए जा रहे हैं, अपितु प्राचीन संस्कृति को भूलकर अपने ही हिसाब से नयी संस्कृति का निर्माण हो रहा है. जैसे आजकल के युवा बच्चे , फिल्म, गाने आदि सुनकर बड़े बुजुर्गों का सम्मान करना भूल चुके हैं, अभद्र तरीके के कपड़े पहनते हैं, शराब आदि नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं जो कि उन युवाओं का स्वंय का तो नाश हो ही रहा है और साथ ही देश की प्राचीन से चली आ रही संस्कृति पर भी दाग लगता जा रहा है.


आज की भारत की वर्तमान स्थिति को मध्य नजर रखते हुए , भारत सरकार द्वारा अनेकों कानून चलाए जा रहे हैं जैसे :- शराब , अफीम , गांजा आदि पर रोक लगाये जा रहे है. लेकिन फिर भी इसका जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है. सरकार उनकी जांच पड़ताल भी करवाती है जो लोग मिलावट करके तस्करी करते हैं, लेकिन फिर भी यह काले कार्य निरंतर जारी है. आज भारत देश के अंदर जो बेरोजगारी है उसको कम करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा काफी प्रयास किया जा रहा है तथा इसके लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं लेकिन फिर भी बेरोजगारी पर काबू नहीं पाया जा रहा  है.  प्राचीन समय को देखते हुए वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम के द्वारा शिक्षा पर भी काफी सुधार हुआ है लेकिन इस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के कारण जहां पर एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है तो उसकी जगह अन्य 100 लोग बेरोजगारी का सामना करते हैं.

 जो आज संस्कृति का हास हो रहा है अगर इस को बचाया जा सकता है तो पूर्ण संत के सत्संगो को सुनकर.
क्योंकि पूर्ण संत के शब्द - शब्द में शक्ति होती है, जिससे बुराई करने व उसमें सहयोग देने को मन बिल्कुल नहीं करता है . और वह पूर्ण संत वर्तमान में केवल " संत रामपाल जी महाराज " ही हैं.
संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई ना तो नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं,  और ना ही इसमें सहयोग करते हैं, जिससे एक सभ्य समाज का निर्माण हो रहा है. और ना ही संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई यह फिल्म, गाने आदि ना देखते हैं , और ना ही सुनते हैं, जिससे संस्कृति पर कोई को प्रभाव नहीं पड़ता है.
और यह सब पूर्ण संत के सत्संग के ज्ञान से ही संभव है . और तो और, संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान आधार पर उनके अनुयायियों में एक दूसरों के प्रति आत्मीयता व संपूर्ण सहयोग करने का भाव है, जिससे वर्तमान का बिगड़ा हुआ समाज व संस्कृति संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान आधार पर सही व सभ्य होती जा रही है.

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